
आस्था, भक्ति और विश्वास का प्रतीक
प्रतिदिन विशेष आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन
अक्टूबर 2-11
5:00 AM - 10:00 PM
दरभंगा, बिहार
+91 91919 19191
shyamamai1933@gmail.com
श्यामा माई मंदिर बिहार के दरभंगा जिले में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर के भीतर स्थित माता काली को समर्पित एक अत्यंत प्रसिद्ध और पवित्र सिद्धपीठ है। इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण वर्ष 1933 में दरभंगा राज के महाराजा कामेश्वर सिंह ने अपने पिता महाराजा रामेश्वर सिंह की चिता भूमि (श्मशान) पर करवाया था, जो स्वयं एक महान तंत्र साधक थे। मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव की छाती पर विराजमान माँ श्यामा (काली) की एक विशाल और अलौकिक प्रतिमा स्थापित है, जिनके दाहिनी ओर महाकाल और बाईं ओर भगवान गणेश तथा बटुक भैरव की मूर्तियाँ हैं। इस मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि आमतौर पर श्मशान भूमि पर बने मंदिरों में मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन यहाँ माता को कुलदेवी मानकर शादी-विवाह, मुंडन और उपनयन जैसे सभी शुभ संस्कार अत्यंत धूमधाम से संपन्न किए जाते हैं। यहाँ वैदिक और तांत्रिक दोनों विधियों से पूजा की जाती है, और विशेषकर नवरात्रि के समय यहाँ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थान है, बल्कि एक सामाजिक केंद्र है जहाँ समाज के सभी वर्ग के लोग आते हैं और अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं।

प्रातःकाल आरती: 5:00 AM सायंकालीन आरती: 7:00 PM
सभी अवसरों और त्योहारों के लिए विशेष पूजाएं
दिव्य शिक्षाओं और दर्शन को समझें
पवित्र त्योहारों का भक्तिपूर्ण उत्सव

मंदिर दृश्य 1

मंदिर दृश्य 2

मंदिर दृश्य 3
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मंदिर दृश्य 4
माँ के मंदिर की सेवा में भाग लें और आशीर्वाद प्राप्त करें
अभिषेक पूजन
विशेष पूजा
हवन पूजन
श्राद्ध और तर्पण